पितृ पक्ष में क्या नहीं खाना चाहिए – जानिए वो चीज़ें जो श्रद्धा के लिए वर्जित हैं

पितृ पक्ष उन दिनों का समय होता है जब हम अपने पूर्वजों को श्रद्धा अर्पित करते हैं। इस दौरान विशेष नियमों का पालन करना जरूरी माना जाता है ताकि पितरों की आत्मा को शांति मिल सके।

इस समय मांस, मछली, अंडा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। पितरों की शांति के लिए सात्विक भोजन सर्वोत्तम माना जाता है।

प्याज और लहसुन को तामसिक आहार माना गया है। इनका सेवन पितृ पक्ष में वर्जित होता है ताकि मन और शरीर शुद्ध रहें।

शराब, सिगरेट या किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहना चाहिए। इससे मन की शुद्धता और श्रद्धा में बाधा आती है।

भारी, तला-भुना और ज्यादा मसाले वाला खाना पचने में कठिन होता है। इससे मानसिक शांति भी प्रभावित हो सकती है।

फलों, सादा दाल, खिचड़ी, हल्का भोजन और दूध से बने पदार्थों का सेवन करें। यह पितरों के लिए भी अर्पित करने योग्य माना जाता है।

पितृ पक्ष में भोजन का उद्देश्य स्वाद नहीं, श्रद्धा है। शुद्ध मन, सात्विक भोजन और संयम से पितरों का आशीर्वाद मिलता है।

पितृ पक्ष में भोजन के ये नियम अपनाकर हम अपने पूर्वजों का सम्मान करते हैं। सरल, सात्विक और संयमित भोजन ही सबसे अच्छा है।

शुद्ध मन, सात्विक भोजन और श्रद्धा से ही पितरों को सच्ची शांति और आशीर्वाद मिलता है।