
Mahashivratri 2025: हिंदू धर्म में भगवान शिव की पूजा का सबसे बड़ा पर्व महाशिवरात्रि है। इस दिन भक्त व्रत रखकर भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं, जिसके लिए वे शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं। मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर सच्चे मन से शिव की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भगवान भोलेनाथ के भक्त चंदन का त्रिपुंड लगाकर उन्हें प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं।
शास्त्रों में महादेव को चंदन लगाने के कई तरीके बताए गए हैं। यह उनमें से एक है।मध्य प्रदेश के सीहोर निवासी और कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने शिवपुराण कथा में बताया कि महादेव को चंदन लगाना किस तरह श्रेष्ठ है । जिससे पितरों को शांति मिलती है, उन्हें मोक्ष की प्राप्ति होती है और सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस तरह से लगाएं चंदन
सबसे पहले शिवलिंग पर चंदन लगाया जाता है। दूसरा चंदन का तिलक गणेश जी (शिवलिंग के दाएं हाथ की ओर) पर लगाया जाता है। तीसरा तिलक कार्तिकेय जी (शिवलिंग के बाएं हाथ की ओर) पर लगाया जाता है। चौथा तिलक अशोक सुंदरी पर लगाया जाता है। पांचवां तिलक महादेव की जलाधारी (जहां से जल बहता है) पर लगाया जाता है। छठा तिलक शिवलिंग के जल के बहाव के ठीक विपरीत यानी पीछे लगाया जाता है। सातवां तिलक महादेव के पास रखे नंदी के दोनों सींगों पर लगाया जाता है। इस तरह से महादेव को सात बार तिलक लगाया जाता है।
पितरों को मिलेगा मोक्ष
इस तरह से महादेव को तिलक लगाने से उनकी पूजा पूरी मानी जाती है। इस तरह से तिलक लगाने से आपके पितरों को मोक्ष मिलता है। वे जिस भी रूप में हों, उन्हें शांति मिलती है। इस तरह से शिवलिंग पर सात जगहों पर तिलक लगाने से वैकुंठ की प्राप्ति होती है।


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