पितरों को खुश करने का तरीका – जानवरों और पक्षियों को क्या खिलाएं
पितृ पक्ष में पशु–पक्षियों को भोजन देना क्यों आवश्यक है?
पितृ पक्ष के दिनों में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए भोजन दान का विशेष महत्व होता है।
शास्त्रों में बताया गया है कि जीवों को दाना–पानी देने से पुण्य प्राप्त होता है और पितरों की कृपा मिलती है। चलिए जानते हैं किसे क्या खिलाना चाहिए।
गाय को क्या खिलाएँ? जैसे- हरा चारा, गुड़, गेहूँ, चावल और ताज़ा घास। गाय को खिलाने से पितरों को संतुष्टि मिलती है और घर में सुख-समृद्धि आती है।
कुत्ते को क्या खिलाएँ? रोटी पर घी या दूध लगाकर कुत्ते को खिलाएँ। आप बचा हुआ शुद्ध भोजन भी दे सकते हैं।
कुत्ते को खाना खिलाने से पितरों का आशीर्वाद मिलता है। इसे यमराज का वाहन माना जाता है।
कौवे को क्या खिलाएँ? आप उसे पके हुए चावल, दाल, रोटी के टुकड़े, सफेद बर्फी और दही खिला सकते हैं।
कौवे को खाना खिलाने से पितृ दोष दूर होता है और पूर्वज संतुष्ट होते हैं।
बकरी को क्या खिलाएँ? उसे हरा चारा, रोटी, दलिया और केले जैसे फल खिलाएँ। बकरी को खिलाने से दान का पुण्य बढ़ता है और घर में समृद्धि आती है।
चिड़िया कबूतर को क्या खिलाएं। दाना, बाजरा, तिल और पानी के लिए कटोरी रखें। पक्षियों को दाना देने से वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
कछुओं और मछलियों को ताज़ा फल, अनाज, खासकर मछली का चारा खिलाएँ। जलीय जीवों को भोजन कराने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।
पितृ पक्ष के दौरान प्रतिदिन सुबह या शाम को भोजन कराना चाहिए। ध्यान रखें कि भोजन शुद्ध हो। सभी पशु-पक्षियों को प्रेमपूर्वक भोजन कराएँ।
ध्यान रखें: भोजन शुद्ध हो, हिंसा से बचें, नशे की चीजें न दें और प्रेम और श्रद्धा से खिलाएं।
पितृ पक्ष में दान का फल: आपको अपने पूर्वजों का सीधा आशीर्वाद मिलता है, मन में शांति और संतुष्टि आती है।
आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि बनी रहती है।
अगर आपको यह कहानी पसंद आई हो तो लाइक, शेयर और कमेंट जरूर करें