पितृ पक्ष 2025, 9 सितंबर, द्वितीया श्राद्ध, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

पितृ पक्ष 2025 – 9 सितंबर (मंगलवार) द्वितीया श्राद्ध

इस दिन पितरों की आत्मा की शांति और उनका आशीर्वाद पाने के लिए पूजा, तर्पण और दान किया जाता है। 

परिवार के बड़े-बुजुर्गों द्वारा विशेष पूजा की जाती है ताकि उनके द्वारा किए गए पुण्य कार्यों का स्मरण हो और वंश की रक्षा बनी रहे।

कुतुप मुहूर्त: 11:53 AM से 12:43 PM रौहिण मुहूर्त: 12:43 PM से 01:33 PM अपराह्न काल: 01:33 PM से 04:03 PM

इन समयों में श्राद्ध कर्म, तर्पण और ब्राह्मण भोजन करना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

पूजा विधि: पितरों का ध्यान करके जल अर्पित करें। काले तिल, कुश और अन्न का दान करें।

भोजन ब्राह्मणों या जरूरतमंदों को कराएं। मन में कृतज्ञता रखें – पितरों की आत्मा को शांति मिले। परिवार के सदस्य मिलकर संकल्प करें।

पितृ पक्ष के दौरान पूर्वजों का स्मरण कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है।

यह समय आत्मा की शांति, पुण्य संचय और पारिवारिक समृद्धि का होता है।

द्वितीया श्राद्ध में विशेष रूप से पूर्वजों के नाम से दान व पूजा का महत्व है।

“जो अपने पूर्वजों का सम्मान करता है, उसका घर सुख-समृद्धि से भरा रहता है।”

पूजा का समय अपने स्थानीय सूर्योदय के अनुसार समायोजित करें। श्रद्धा और शुद्ध मन से पूजा करने पर पितरों की कृपा अवश्य प्राप्त होती है।

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